सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों जंगल की आग की तरह फैल रहा है। दावा किया जा रहा है कि मां नर्मदा के अभिषेक के लिए 11,000 लीटर दूध नदी में बहाया गया। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे बड़ी आस्था मान रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों ने इसे पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। आस्था या अनर्थ? जलीय जीवों पर मंडरा रहा खतरावैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के अनुसार, पवित्र नदियों में भारी मात्रा में दूध या अन्य सामग्री विसर्जित करना “श्रद्धा” नहीं बल्कि प्रदूषण है। पानी में दूध के सड़ने से ऑक्सीजन का स्तर (BOD) तेजी से गिरता है, जिससे मछलियां और अन्य जलीय जीव दम तोड़ने लगते हैं। हमारी अपील: श्रद्धा का प्रदर्शन पर्यावरण की कीमत पर न करें। दूध को नदी में बहाने के बजाय किसी भूखे बच्चे या जरूरतमंद तक पहुंचाएं, यही सच्ची सेवा है। Post navigation BIG BREAKING: अमेरिका-ईरान सीजफायर का असर, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट! 🚨BREAKING NEWS खरगोन: ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा केस में बड़ा धमाका, जांच में निकली नाबालिग, फरमान पर किडनैपिंग का केस दर्ज!